🧘♂️ संभोग से समाधि तक: काम-ऊर्जा से चेतना की ऊँचाई तक
संभोग से समाधि तक: काम-ऊर्जा को चेतना में कैसे बदलें? संभोग से समाधि तक: काम-ऊर्जा को चेतना में कैसे बदलें? “संभोग से समाधि तक” एक ऐसा विषय है जिसे सुनते ही अधिकतर लोगों के मन में भ्रम पैदा हो जाता है। कुछ लोग इसे केवल सेक्स से जोड़ देते हैं, तो कुछ इसे संन्यास या त्याग समझ लेते हैं। लेकिन वास्तव में यह मानव जीवन की सबसे गहरी ऊर्जा यात्रा का नाम है। यह लेख उसी ऊर्जा को समझने का प्रयास है — जो संभोग से शुरू होकर समाधि तक पहुँच सकती है। संभोग क्या है? (Sex Energy का वास्तविक अर्थ) संभोग केवल शारीरिक सुख नहीं है। यह जीवन की मूल ऊर्जा (Life Force) है। इसी ऊर्जा से जीवन जन्म लेता है इसी से आकर्षण, प्रेम और सृजन होता है इसी से इंसान में उत्साह और शक्ति आती है समस्या संभोग में नहीं है, समस्या इसके अचेतन उपयोग में है। जब यही ऊर्जा केवल क्षणिक सुख में खर्च हो जाती है, तो इंसान भीतर से खाली महसूस करने लगता है। ऊर्जा का रूपांतरण कैसे होता है? “संभोग से समाधि तक” की यात्रा यहीं से शुरू होती है। जब व्यक्ति: अपनी इच्...